🌊 राजस्थान का अपवाह तंत्र: अरब सागर की नदियाँ
महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षा नोट्स
1. लूनी नदी (लवणवती / मरूआशा)
| उद्गम स्थल | अजमेर की नाग पहाड़ियाँ |
|---|---|
| लंबाई | कुल: 495 किमी (राजस्थान में: 330 किमी) |
| प्रवाह क्षेत्र | अजमेर, नागौर, ब्यावर, जोधपुर, पाली, बालोतरा, बाड़मेर, जालौर, सांचौर |
| विशेष नाम | सागरमती, साक्री, पश्चिम राजस्थान की गंगा |
📌 विशेषता: बालोतरा (बाड़मेर) तक पानी मीठा रहता है, उसके बाद खारा हो जाता है। यह कच्छ के रण में विलुप्त होती है।
सहायक नदियाँ
लीलड़ी: लूनी में मिलने वाली पहली सहायक नदी।
जोजड़ी: एकमात्र नदी जो अरावली से नहीं निकलती और दाईं ओर से मिलती है।
बांडी: इसे ‘केमिकल रिवर’ कहा जाता है (सर्वाधिक प्रदूषित)।
जवाई: इस पर जवाई बांध (सुमेरपुर) स्थित है, जिसे “मारवाड़ का अमृत सरोवर” कहते हैं।
सुकड़ी: इस पर जालौर में बांकली बांध बना है।
2. माही नदी (वागड़ की गंगा)
| उद्गम स्थल | विंध्याचल पर्वत (मेहद झील, मध्य प्रदेश) |
|---|---|
| लंबाई | कुल: 576 किमी (राजस्थान में: 171 किमी) |
| प्रमुख बांध | माही बजाज सागर (बांसवाड़ा), कडाना बांध (गुजरात) |
| विशेषता | कर्क रेखा को दो बार काटने वाली एकमात्र नदी। |
🙏 बेणेश्वर मेला: डूंगरपुर में माही, सोम और जाखम के त्रिवेणी संगम पर ‘आदिवासियों का कुंभ’ लगता है।
सहायक नदियाँ
सोम: बिछामेडा (उदयपुर) से उद्गम। सोम-कमला-अम्बा परियोजना।
जाखम: छोटी सादड़ी (प्रतापगढ़) से उद्गम। यहाँ राज्य का सबसे ऊँचा बांध (81m) है।
अनास: आम्बोर (म.प्र.) से उद्गम।
इरू: माही बजाज सागर बांध से पहले मिलने वाली नदी।
3. पश्चिमी बनास नदी
| उद्गम स्थल | नया सानवारा गाँव (सिरोही) |
|---|---|
| संगम/विलुप्त | लिटिल कच्छ का रण (गुजरात) |
| सहायक नदियाँ | सिपू, गोहलन, धारवेल |
| प्रमुख नगर | गुजरात का डीसा नगर इसी के किनारे है। |
4. साबरमती नदी
| उद्गम स्थल | पदराड़ा की पहाड़ियाँ (कोटड़ा, उदयपुर) |
|---|---|
| कुल लंबाई | 416 किमी (राजस्थान में मात्र 45 किमी) |
| विशेषता | उदयपुर की देवास सुरंग (11.5 किमी) इसी से संबंधित है। |
| नगर/आश्रम | अहमदाबाद, गांधीनगर और साबरमती आश्रम इसी के किनारे हैं। |
सहायक नदियाँ:
वाकल, हथमती, वेतरक, माजम, सेई।
💡 महत्वपूर्ण रोचक तथ्य
- नदीविहीन जिले: बीकानेर और चूरू में कोई नदी नहीं बहती।
- सर्वाधिक नदियाँ: कोटा संभाग में राजस्थान की सबसे अधिक नदियाँ पाई जाती हैं।
- चित्तौड़गढ़: बनास, बेड़च और गंभीरी का प्रमुख क्षेत्र।
- बेणेश्वर धाम: यहाँ खंडित शिवलिंग की पूजा होती है (माही-सोम-जाखम संगम)।
राजस्थान भूगोल नोट्स – जल संसाधन एवं नदियाँ
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