Author: luckyjangid55555

  • राजस्थान के नगरों के प्राचीन नाम

    राजस्थान के नगरों के प्राचीन नाम

    🏰 राजस्थान के नगरों के प्राचीन नाम

    प्राचीन नाम वर्तमान नाम
    अजयमेरुअजमेर
    अहिछत्रपुरनागौर
    चुंघेरअनूपगढ़
    वीरभान का बाससीकर
    आश्रम पट्टनकेशोरायपाटन
    अर्जुनायनअलवर, भरतपुर
    वृंदावतीबूंदी
    खीचीवाड़ाझालरापाटन / गागरोण क्षेत्र
    आलोरअलवर
    उपकेश पट्टनऔसियाँ
    उम्मेदपुरा की छावनीझालावाड़
    कोंकण तीर्थपुष्कर
    कोठीधौलपुर
    खिज्राबादचित्तौड़गढ़
    गोपालपाल, कल्याण पुरीकरौली
    चंद्रावतीसिरोही, आबू व आसपास का क्षेत्र
    जयनगरजयपुर
    जाबालिपुर / जाल्हौरजालौर
    ताम्रवती नगरीआहड़ (उदयपुर)
    देवांश / द्यौसादौसा
    ब्रज नगरझालरापाटन
    भटनेरहनुमानगढ़
    मांड / स्वर्णनगरी / वल्लजैसलमेर
    मध्यमिका / नगरीनगरी (चित्तौड़गढ़)
    मेदिनीपुरमेड़ता
    रातीघाटीबीकानेर
    रामनगरगंगानगर
    विजयावलीबिजौलिया
    विराटनगरबैराठ
    शाकंभरी / सपादलक्षसांभर व आसपास का क्षेत्र
    शिवपुरीसिरोही
    श्रीपंथ / शोणितपुरबयाना
    श्रीमालभीनमाल
    संग्रामपुरासांगानेर
    सत्यपुरसाँचौर
  • राजस्थान की प्रमुख पहाड़ियाँ

    राजस्थान की प्रमुख पहाड़ियाँ – नोट्स

    ⛰️ राजस्थान की प्रमुख पहाड़ियाँ

    पहाड़ी / पर्वत स्थान / संबंधित क्षेत्र
    मालखेत की पहाड़ियाँ सीकर
    हर्ष पर्वत सीकर
    हर्षनाथ की पहाड़ियाँ अलवर (नोट: हर्ष पर्वत सीकर में है)
    बीजासण पर्वत माण्डलगढ़ (भीलवाड़ा)
    चिड़िया टुक की पहाड़ी जोधपुर शहर (मेहरानगढ़ दुर्ग इसी पर स्थित है)
    नाकोड़ा पर्वत / छप्पन की पहाड़ियाँ बालोतरा (सिवाणा ग्रेनाइट पर्वतीय क्षेत्र)
    बीठली / बीठड़ी पहाड़ी अजमेर (तारागढ़ दुर्ग इसी पर स्थित है)
    त्रिकुट पर्वत जैसलमेर (सोनारगढ़) एवं करौली (कैलादेवी मंदिर)
    सुंधा पर्वत भीनमाल (जालौर) – यहाँ राज्य का पहला रोपवे स्थित है।
    मुकुन्दवाड़ा की पहाड़ियाँ कोटा और झालावाड़ के बीच का क्षेत्र।
    आडावाला / अरावाला पर्वत बूंदी जिला (सवाई माधोपुर तक विस्तारित)।
    कनकांचल पहाड़ी जालौर (जालौर दुर्ग स्थित है)।
    ननी शिरडी पहाड़ी सोजत (पाली)।
    💡 विशेष तथ्य: राजस्थान की सबसे ऊँची पर्वत चोटी गुरु शिखर (1722m) है, जो सिरोही जिले में स्थित है। पहाड़ियों का सर्वाधिक विस्तार उदयपुर जिले में पाया जाता है।
  • राजस्थान के प्राचीन एवं भौगोलिक क्षेत्र

    राजस्थान के प्राचीन एवं भौगोलिक नाम

    📍 राजस्थान के प्राचीन एवं भौगोलिक क्षेत्र

    भौगोलिक नाम संबंधित क्षेत्र / विवरण
    भोराट का पठार कुम्भलगढ़ (राजसमंद) और गोगुन्दा (उदयपुर) के मध्य का ऊँचा पठारी भाग।
    गिरवा उदयपुर शहर के चारों ओर स्थित तश्तरीनुमा पहाड़ियों की श्रृंखला।
    देशहरो जरगा (उदयपुर) और रागा पहाड़ियों के मध्य स्थित वर्ष भर हरा-भरा रहने वाला क्षेत्र।
    मगरा उदयपुर का उत्तर-पश्चिमी पर्वतीय भाग।
    ऊपरमाल भीलवाड़ा के बिजौलिया से चित्तौड़गढ़ के भैंसरोड़गढ़ तक का पठारी क्षेत्र।
    छप्पन का मैदान प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा के बीच 56 गांवों/नालों का समूह (माही नदी बेसिन)।
    मेवात अलवर, खैरथल, तिजारा और डीग का क्षेत्र (मेव जाति की अधिकता)।
    बीहड़ (डांग) चम्बल नदी द्वारा निर्मित गहरे गड्ढे वाला क्षेत्र (धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर)।
    गोडवाड़ लूनी नदी का प्रवाह क्षेत्र (पाली, जालौर, सांचौर और बाड़मेर)।
    माड़ / वल्ल जैसलमेर क्षेत्र का प्राचीन नाम।
    मेदपाट / प्राग्वाट मेवाड़ क्षेत्र (मुख्यतः उदयपुर और चित्तौड़गढ़)।
    देवगिरी दौसा शहर स्थित देवगिरी पहाड़ी की तलहटी का भाग।
    सपाड़ / सपादलक्ष सवाई माधोपुर और करौली का वह क्षेत्र जो मध्य प्रदेश की सीमा से लगता है।
    बरड़ बूंदी जिले का पश्चिमी पथरीला और दुर्गम भाग।
    बीड़ शेखावाटी क्षेत्र (झुंझुनू, सीकर) में पाए जाने वाले घास के मैदान।
    अनंत गोचर सांभर से सीकर तक का फैला हुआ प्राचीन भूभाग।
    तोरावाटी कांतली नदी का बेसिन क्षेत्र (सीकर और नीम का थाना)।
    अहीरवाटी खैरथल-तिजारा, कोटपुतली और बहरोड़ का क्षेत्र (यादव बहुल)।
    अर्बुद / देवड़ावटी सिरोही क्षेत्र का प्राचीन और भौगोलिक नाम।
    मालाणी बाड़मेर (विशेषकर गुड़ामालानी क्षेत्र)।
    मेरवाड़ा अजमेर, ब्यावर और राजसमंद का दिवेर क्षेत्र।
    ढूंढाड़ जयपुर, जयपुर ग्रामीण और दौसा के आसपास का क्षेत्र (ढूंढ नदी के कारण)।
    मालव प्रदेश प्रतापगढ़ और झालावाड़ (मालवा पठार से सटा हुआ भाग)।
    मछला मगरा उदयपुर की पिछोला झील के पास स्थित पहाड़ी क्षेत्र।
    नोट: यह डेटा राजस्थान की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं (REET, RAS, CET) के लिए उपयोगी है।
  •  राजस्थान के प्रमुख दुर्ग एवं उपनाम

    राजस्थान के दुर्ग और उनके उपनाम

    🏰 राजस्थान के प्रमुख दुर्ग एवं उपनाम

    दुर्ग का नाम प्राचीन नाम / उपनाम
    अजमेर दुर्ग गढ़बीठली, तारागढ़, अजयमेरु दुर्ग, पूर्व का जिब्राल्टर
    अलवर का किला बाला किला
    अकबर का किला मैग्जीन, दौलतखाना (अजमेर)
    चौमूं दुर्ग धारधारागढ़, चौमूहाँगढ़
    चित्तौड़गढ़ दुर्ग गढ़ों का सिरमौर, राजस्थान का गौरव, चित्रकूट
    हनुमानगढ़ का किला भटनेर दुर्ग
    जयगढ़ दुर्ग चिल्ह का टीला
    जोधपुर का किला मेहरानगढ़, मयूरध्वजगढ़, गढ़चिंतामणि
    कुंभलगढ़ दुर्ग कुंभलमेर का किला
    मंडोर का किला मांडव्यपुर दुर्ग
    नागौर दुर्ग नागदुर्ग, अहिछत्रपुर का किला
    भैंसरोड़गढ़ दुर्ग राजस्थान का वैलौर
    सिवाणा दुर्ग कुम्थाना दुर्ग, अणखिला किला
    नीमराणा का किला पंचमहल दुर्ग
    तिमनगढ़ दुर्ग तवनगढ़, त्रिभुवनगढ़
    आबू का किला अचलगढ़
    भरतपुर का किला लोहागढ़
    बयाना दुर्ग विजयमंदिर गढ़, बादशाह दुर्ग
    बीकानेर दुर्ग जूनागढ़
    बूँदी का किला तारागढ़
    गागरोण का किला धूलरगढ़, डोडगढ़
    जैसलमेर दुर्ग सोनगढ़, सोनारगढ़, त्रिकुट दुर्ग
    जालौर दुर्ग सुवर्ण गिरी, सोनलगढ़
    मेड़ता दुर्ग मालकोट का किला, मेडन्तकपुर दुर्ग
  • राजस्थान के भौतिक विभागों का वर्णन

    राजस्थान के भौतिक प्रदेश – नोट्स

    राजस्थान के प्रमुख भौतिक प्रदेश

    1. पश्चिमी मरूस्थलीय प्रदेश (शुष्क रेगिस्तानी क्षेत्र)

    • भौगोलिक स्थिति: राजस्थान का पश्चिमी भाग (जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, फलौदी, बालोतरा, जोधपुर ग्रामीण, और चुरू का पश्चिमी क्षेत्र)।
    • वर्षा: वार्षिक औसत 25 सेमी से कम
    • मुख्य विशेषताएँ:
      • बालुका स्तूप (रेतीले टीले) का विस्तार।
      • सेवण घास के मैदान, जिन्हें “लाठी सीरिज” कहा जाता है।
      • अकाल वुड फॉसिल्स पार्क (जैसलमेर): 18 करोड़ वर्ष पुराने वृक्षों और जीवाश्म के अवशेष।
      • जैसलमेर, बाड़मेर, और बीकानेर में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के प्रचुर भंडार।

    2. अरावली पर्वतीय प्रदेश

    अरावली पर्वतमाला विश्व की प्राचीनतम वलित पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है। यह प्री-कैम्ब्रियन युग की संरचना है।
    • विस्तार: खेडब्रह्मा (सिरोही) से खेतड़ी (नीम का थाना) तक लगभग 550 किमी (कुल लंबाई दिल्ली तक)।
    • विशेषता: यह राजस्थान को दो असमान भागों में विभाजित करती है और जलविभाजक का कार्य करती है।
    • आंकड़े: राज्य के कुल क्षेत्रफल का 9.3% भाग और 10% जनसंख्या।

    अरावली की प्रमुख चोटियाँ

    1. गुरु शिखर: 1722 मीटर (सिरोही) – राजस्थान का सर्वोच्च शिखर

    2. सेर: 1597 मीटर (सिरोही)

    3. देलवाड़ा: 1442 मीटर (सिरोही)

    4. जरगा: 1431 मीटर (उदयपुर/राजसमंद)

    5. अचलगढ़: 1380 मीटर (सिरोही)

    6. कुंभलगढ़: 1224 मीटर (राजसमंद)

    7. रघुनाथगढ़: 1055 मीटर (सीकर) – उत्तरी अरावली की सबसे ऊंची चोटी

    प्रमुख दर्रे (नाल)

    • जीलवा की नाल / पगल्या नाल: मारवाड़ से मेवाड़ का रास्ता।
    • देसूरी की नाल: पाली जिला।
    • हाथी गढ़ा की नाल: कुंभलगढ़ दुर्ग के पास।

    3. पूर्वी मैदानी प्रदेश

    इसका निर्माण गंगा-यमुना नदी बेसिन द्वारा लाई गई मिट्टी से हुआ है। यह कृषि की दृष्टि से सर्वाधिक उपजाऊ क्षेत्र है।

    उप-प्रदेश विशेषताएँ
    बनास-बाणगंगा बेसिन बनास और उसकी सहायक नदियों द्वारा निर्मित मैदान। उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी।
    चंबल बेसिन कोटा, धौलपुर, करौली क्षेत्र। चंबल नदी द्वारा निर्मित बीहड़ (Ravin) के लिए प्रसिद्ध।
    मध्य माही बेसिन बांसवाड़ा और प्रतापगढ़। इसे “छप्पन का मैदान” भी कहा जाता है।

    4. दक्षिण-पूर्वी पठारी भाग (हाड़ौती का पठार)

    • क्षेत्र: कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़।
    • मृदा: यहाँ मध्यम काली मिट्टी (Black Cotton Soil) पाई जाती है।
    • वर्षा: राजस्थान का सर्वाधिक वर्षा वाला भौतिक प्रदेश (80-100 सेमी)।
    • विशेषता: यह अरावली और विंध्याचल पर्वत के बीच संक्रांति प्रदेश है।

    अन्य महत्वपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र

    1. लूनी-जवाई बेसिन (गोडवाड़ क्षेत्र)

    पाली, जालौर, जोधपुर ग्रामीण क्षेत्र। यह एक अर्द्धशुष्क प्रदेश है जहाँ लूनी नदी बहती है।

    2. शेखावाटी प्रदेश (बांगर क्षेत्र)

    झुंझुनू, सीकर, चुरू। यहाँ खारे पानी के गर्त (रन) जैसे डीडवाना, सुजानगढ़, कुचामन पाए जाते हैं।

    3. घग्घर का मैदान

    गंगानगर और हनुमानगढ़ जिले। घग्घर नदी (मृत नदी) के बाढ़ क्षेत्र से निर्मित अत्यंत उपजाऊ मैदान।


    उत्पत्ति से संबंधित भूगर्भिक तथ्य

    1. राजस्थान का पश्चिमी रेगिस्तान और खारे पानी की झीलें टेथिस सागर का अवशेष हैं।
    2. अरावली पर्वत और दक्षिण-पूर्वी पठारी भाग गोंडवानालैंड का हिस्सा हैं।
    3. पूर्वी मैदान गंगा-यमुना नदियों द्वारा लाई गई मिट्टी से निर्मित नवीनतम भाग है।
    राजस्थान सामान्य ज्ञान – भौतिक विभाजन नोट्स
  • ** * राजस्थान की जलवायु: विशेषताएँ और वर्गीकरण ***

    🌍 राजस्थान की जलवायु (Complete Notes)

    राजस्थान की जलवायु शुष्क से उप-आर्द्र मानसूनी प्रकार की है, जो भौगोलिक स्थिति, अरावली पर्वत, ऊंचाई और मानसून पर निर्भर करती है।


    🔥 जलवायु की प्रमुख विशेषताएँ

    • 🌵 शुष्कता: अधिकांश क्षेत्र शुष्क
    • 🌧️ अनियमित वर्षा: सूखा और अकाल की संभावना
    • 📅 वर्षा: जून – सितंबर
    • 🌡️ तापमान: 50°C तक (ग्रीष्म), 0°C (शीत)
    • 💧 आर्द्रता: जुलाई-अगस्त में अधिक
    • 🔥 लू: गर्म हवाएँ

    🌍 जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक

    • 📍 अक्षांशीय स्थिति
    • ⛰️ अरावली पर्वत
    • 🌊 समुद्र से दूरी
    • 🌄 ऊंचाई

    📊 जलवायु के क्षेत्रीय विभाजन

    प्रदेश वर्षा
    शुष्क0-20 सेमी
    अर्द्ध शुष्क20-40 सेमी
    उप आर्द्र40-60 सेमी
    आर्द्र60-80 सेमी
    अति आर्द्र80-100 सेमी

    🌦️ कोपेन जलवायु वर्गीकरण

    • Aw – उष्णकटिबंधीय
    • BShw – अर्द्ध शुष्क
    • BWhw – मरुस्थलीय
    • Cwg – उप आर्द्र

    🌞 राजस्थान की ऋतुएँ

    🔥 ग्रीष्म
    लू चलती है
    🌧️ वर्षा
    मानसून वर्षा
    ❄️ शीत
    मावठ

    📌 महत्वपूर्ण तथ्य

    • औसत वर्षा: 57.5 सेमी
    • सबसे कम: जैसलमेर
    • सबसे अधिक: बांसवाड़ा

    🌍 पृथ्वी की गति

    • 🔄 घूर्णन → दिन-रात
    • ☀️ परिक्रमण → ऋतु परिवर्तन

    🌧️ मानसून

    • दक्षिण-पश्चिम मानसून
    • अरब सागर शाखा
    • बंगाल शाखा

    🌊 अल-नीनो / ला-नीनो

    • 🔥 अल-नीनो → सूखा
    • 🌧️ ला-नीनो → अधिक वर्षा

    📍 राजस्थान के विशेष तथ्य

    • सबसे गर्म: फलौदी
    • सबसे ठंडा: माउंट आबू
    • सबसे शुष्क: जैसलमेर

    👉 राजस्थान की जलवायु विविध और चुनौतीपूर्ण है।

  • राजस्थान का परिचय और मुख्य तथ्य

    राजस्थान इतिहास
    वैदिक काल में इसे ‘ब्रह्मवर्त’ और रामायण काल में ‘मरुकांतर’ कहा गया। 30 मार्च को राजस्थान दिवस मनाया जाता है। कर्नल जेम्स टॉड को “घोड़े वाला बाबा” कहा जाता था।

    इतिहास और प्राचीन नाम

    • वैदिक काल: ब्रह्मवर्त
    • रामायण काल: मरुकांतर
    • वि.सं. 682: वसंतगढ़ शिलालेख
    • जार्ज थामस (1800): राजपुताना
    • कर्नल जेम्स टॉड: रायथान
    • प्रसिद्ध पुस्तक: Annals and Antiquities of Rajasthan

    कर्नल जेम्स टॉड

    • 1818-1821: मेवाड़ में ब्रिटिश एजेंट
    • पुस्तक: Annals and Antiquities of Rajasthan
    • हिंदी अनुवाद: गौरीशंकर हीराचंद ओझा
    • उपनाम: घोड़े वाला बाबा

    राजस्थान का एकीकरण

    • 30 जनवरी 1949: वृहद राजस्थान
    • 30 मार्च: राजस्थान दिवस
  • राजस्थान के राज्य प्रतीक चिह्नों और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारि

    राजस्थान के राज्य प्रतीक

    1. राज्य वृक्ष – खेजड़ी

    • वैज्ञानिक नाम: Prosopis cineraria
    • घोषित वर्ष: 5 जनवरी 1983
    • उपनाम: रेगिस्तान का गौरव, थार का कल्पवृक्ष
    • शेखावटी क्षेत्र में अधिक पाया जाता है
    • नागौर में सर्वाधिक संख्या
    • खेजड़ली बलिदान (1730): 363 बिश्नोईयों ने वृक्ष बचाने हेतु बलिदान दिया
    • खेजड़ली दिवस: 12 सितंबर
    • उपयोग: सांगरी, खोखा, पशु चारा

    2. राज्य पुष्प – रोहिड़ा

    • वैज्ञानिक नाम: Tecomella undulata
    • घोषित वर्ष: 21 जनवरी 1983
    • उपनाम: मरूशोभा, रेगिस्तान का सागवान
    • मार्च-अप्रैल में खिलता है
    • पश्चिमी राजस्थान में पाया जाता है

    3. राज्य पशु

    (i) जंगली पशु – चिंकारा

    • वैज्ञानिक नाम: Gazella bennettii
    • घोषित वर्ष: 1981
    • मरू क्षेत्र में पाया जाता है
    • छोटा हिरण कहा जाता है

    (ii) पालतू पशु – ऊँट

    • वैज्ञानिक नाम: Camelus dromedarius
    • रेगिस्तान का जहाज कहा जाता है
    • मुख्य नस्लें: जैसलमेरी, बीकानेरी
    • ऊँटनी के दूध में विटामिन C अधिक
    • गोरबंद: ऊँट से जुड़ा लोकगीत

    4. राज्य पक्षी – गोडावण

    • वैज्ञानिक नाम: Ardeotis nigriceps
    • घोषित वर्ष: 1981
    • मुख्य क्षेत्र: जैसलमेर, बाड़मेर
    • ऊँचाई: लगभग 4 फुट
    • IUCN में गंभीर संकटग्रस्त

    5. राज्य गीत

    • केसरिया बालम आओ नी पधारो म्हारे देश
    • लोकप्रिय गायिका: अल्ला जिल्लाबाई
    • शैली: मांड

    6. राज्य नृत्य – घूमर

    • महिलाओं द्वारा किया जाता है
    • विवाह और त्योहारों पर प्रमुख

    7. राज्य शास्त्रीय नृत्य – कथक

    • जयपुर घराना प्रसिद्ध
    • ताल और चक्र विशेषता

    8. राज्य खेल – बास्केटबॉल

    • घोषित वर्ष: 1948
    • खेल विकास हेतु घोषित
  • *** राजस्थान के जिलों का विकास और पुनर्गठन (वर्तमान ) ***

    राजस्थान के जिले 2023

    राजस्थान राज्य का वर्तमान स्वरूप 1 नवंबर 1956 को राज्यों के पुनर्गठन के दौरान बना। उस समय 26 जिले थे।

    जिलों की संख्या में वृद्धि

    1. 1956: 26 जिले
    2. 1982: धौलपुर जिला बना
    3. 1991: बारां, दौसा, राजसमंद बने
    4. 1994: हनुमानगढ़ बना
    5. 1997: करौली बना
    6. 2008: प्रतापगढ़ बना

    2023-24 का पुनर्गठन

    मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा 19 नए जिले और 3 नए संभाग बनाए गए।

    अब राजस्थान में:
    👉 कुल जिले: 50
    👉 कुल संभाग: 10

    महत्वपूर्ण नए जिले (संक्षेप)

    बालोतरा

    • मुख्यालय: बालोतरा
    • तहसीलें: पचपदरा, सिवाना आदि

    डीडवाना-कुचामन

    • मुख्यालय: डीडवाना
    • तहसीलें: लाडनूं, मकराना आदि

    डीग

    • मुख्यालय: डीग
    • तहसीलें: कुम्हेर, नगर आदि

    फलौदी

    • मुख्यालय: फलौदी
    • तहसीलें: लोहावट, देचू आदि

    मुख्य तथ्य

    • सबसे बड़ा प्रशासनिक बदलाव: 2023
    • कुल जिले: 41
    • कुल संभाग: 7
    • उद्देश्य: बेहतर प्रशासन और सेवा

  • *** राजस्थान की अंतर्राजीय और अन्तराष्ट्रीय सीमा ***

    राजस्थान की सीमाएँ

    1. कुल स्थलीय सीमा

    • कुल सीमा: 5920 किमी
    • अंतर्राष्ट्रीय सीमा: 1070 किमी (पाकिस्तान)
    • अंतर्राज्यीय सीमा: 4850 किमी

    2. राज्यों के साथ सीमाएँ

    (A) पंजाब (89 किमी)

    • जिले: श्री गंगानगर, हनुमानगढ़
    • पंजाब के जिले: फाजिल्का, मुक्तसर

    (B) हरियाणा (1262 किमी)

    • राजस्थान के जिले: हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनू, सीकर, अलवर आदि
    • हरियाणा के जिले: सिरसा, हिसार, भिवानी, रेवाड़ी आदि

    (C) उत्तर प्रदेश (877 किमी)

    • राजस्थान के जिले: डीग, भरतपुर, धौलपुर
    • उत्तर प्रदेश: मथुरा, आगरा

    (D) मध्य प्रदेश (1600 किमी)

    • जिले: कोटा, झालावाड़, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, बूंदी आदि

    (E) गुजरात (1020 किमी)

    • जिले: डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सिरोही, जालोर
    • महत्वपूर्ण: कांडला बंदरगाह

    सीमाओं का सारांश

    राज्य/देश सीमा (किमी)
    पंजाब89
    हरियाणा1262
    उत्तर प्रदेश877
    मध्य प्रदेश1600
    गुजरात1020
    अंतर्राज्यीय कुल4850
    पाकिस्तान1070
    कुल सीमा5920

    रेडक्लिफ रेखा

    • भारत-पाक विभाजन रेखा (1947)
    • निर्माता: सर सिरिल रेडक्लिफ
    • राजस्थान में लंबाई: 1070 किमी
    • मुख्य जिले: श्री गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर

    महत्वपूर्ण तथ्य

    • सबसे लंबी सीमा: हरियाणा
    • अंतर्राष्ट्रीय सीमा: पाकिस्तान
    • सबसे बड़ा सीमा क्षेत्र: जैसलमेर