राजस्थान के प्राचीन एवं भौगोलिक क्षेत्र

राजस्थान के प्राचीन एवं भौगोलिक नाम

📍 राजस्थान के प्राचीन एवं भौगोलिक क्षेत्र

भौगोलिक नाम संबंधित क्षेत्र / विवरण
भोराट का पठार कुम्भलगढ़ (राजसमंद) और गोगुन्दा (उदयपुर) के मध्य का ऊँचा पठारी भाग।
गिरवा उदयपुर शहर के चारों ओर स्थित तश्तरीनुमा पहाड़ियों की श्रृंखला।
देशहरो जरगा (उदयपुर) और रागा पहाड़ियों के मध्य स्थित वर्ष भर हरा-भरा रहने वाला क्षेत्र।
मगरा उदयपुर का उत्तर-पश्चिमी पर्वतीय भाग।
ऊपरमाल भीलवाड़ा के बिजौलिया से चित्तौड़गढ़ के भैंसरोड़गढ़ तक का पठारी क्षेत्र।
छप्पन का मैदान प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा के बीच 56 गांवों/नालों का समूह (माही नदी बेसिन)।
मेवात अलवर, खैरथल, तिजारा और डीग का क्षेत्र (मेव जाति की अधिकता)।
बीहड़ (डांग) चम्बल नदी द्वारा निर्मित गहरे गड्ढे वाला क्षेत्र (धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर)।
गोडवाड़ लूनी नदी का प्रवाह क्षेत्र (पाली, जालौर, सांचौर और बाड़मेर)।
माड़ / वल्ल जैसलमेर क्षेत्र का प्राचीन नाम।
मेदपाट / प्राग्वाट मेवाड़ क्षेत्र (मुख्यतः उदयपुर और चित्तौड़गढ़)।
देवगिरी दौसा शहर स्थित देवगिरी पहाड़ी की तलहटी का भाग।
सपाड़ / सपादलक्ष सवाई माधोपुर और करौली का वह क्षेत्र जो मध्य प्रदेश की सीमा से लगता है।
बरड़ बूंदी जिले का पश्चिमी पथरीला और दुर्गम भाग।
बीड़ शेखावाटी क्षेत्र (झुंझुनू, सीकर) में पाए जाने वाले घास के मैदान।
अनंत गोचर सांभर से सीकर तक का फैला हुआ प्राचीन भूभाग।
तोरावाटी कांतली नदी का बेसिन क्षेत्र (सीकर और नीम का थाना)।
अहीरवाटी खैरथल-तिजारा, कोटपुतली और बहरोड़ का क्षेत्र (यादव बहुल)।
अर्बुद / देवड़ावटी सिरोही क्षेत्र का प्राचीन और भौगोलिक नाम।
मालाणी बाड़मेर (विशेषकर गुड़ामालानी क्षेत्र)।
मेरवाड़ा अजमेर, ब्यावर और राजसमंद का दिवेर क्षेत्र।
ढूंढाड़ जयपुर, जयपुर ग्रामीण और दौसा के आसपास का क्षेत्र (ढूंढ नदी के कारण)।
मालव प्रदेश प्रतापगढ़ और झालावाड़ (मालवा पठार से सटा हुआ भाग)।
मछला मगरा उदयपुर की पिछोला झील के पास स्थित पहाड़ी क्षेत्र।
नोट: यह डेटा राजस्थान की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं (REET, RAS, CET) के लिए उपयोगी है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *