💧 राजस्थान की सिंचाई एवं जल संसाधन
परिभाषा: वर्षा के अभाव में भूमि को कृत्रिम रूप से जल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सिंचाई कहते हैं।
पंडित जवाहरलाल नेहरू ने बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं को “आधुनिक भारत के मंदिर” कहा है।
1. राजस्थान में सिंचाई की स्थिति
- राज्य की 2/3 कृषि योग्य भूमि वर्षा पर निर्भर है।
- सर्वाधिक सिंचित क्षेत्र: श्री गंगानगर
- न्यूनतम सिंचित क्षेत्र: राजसमंद
66%
कुएं और ट्यूबवेल (सर्वाधिक जयपुर)
कुएं और ट्यूबवेल (सर्वाधिक जयपुर)
33%
नहरें (सर्वाधिक श्री गंगानगर)
नहरें (सर्वाधिक श्री गंगानगर)
0.6%
तालाब (सर्वाधिक भीलवाड़ा)
तालाब (सर्वाधिक भीलवाड़ा)
2. प्रमुख बहुउद्देश्यीय परियोजनाएँ
क. चंबल नदी घाटी परियोजना (RJ:MP = 50:50)
| बाँध | स्थान | विशेषता |
|---|---|---|
| गांधी सागर | मध्य प्रदेश | 1960 में निर्मित, सबसे बड़ा। |
| राणा प्रताप सागर | रावतभाटा (चित्तौड़गढ़) | राजस्थान में सर्वाधिक भराव क्षमता। |
| जवाहर सागर | कोटा | इसे कोटा पिकअप बाँध भी कहते हैं। |
| कोटा बैराज | कोटा शहर | केवल सिंचाई हेतु उपयोगी। |
ख. माही बजाज सागर परियोजना (RJ:45% | GUJ:55%)
- स्थान: माही नदी, बोरखेड़ा (बांसवाड़ा)।
- विशेष: विद्युत उत्पादन का 100% हिस्सा राजस्थान को मिलता है।
ग. भाखड़ा-नांगल परियोजना (राजस्थान हिस्सा: 15.2%)
- भाखड़ा बाँध भारत का सबसे ऊँचा बाँध है (सतलज नदी पर)।
- लाभान्वित जिले: हनुमानगढ़, बीकानेर, गंगानगर।
3. इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP)
इसे राजस्थान की “मरुगंगा” कहा जाता है। 1963 में इसमें लिफ्ट नहरों को शामिल किया गया।
लिफ्ट नहरों की सूची
| पुराना नाम | नया नाम | लाभान्वित जिले |
|---|---|---|
| गंधेली (नोहर) साहवा | चौधरी कुम्भाराम लिफ्ट | हनुमानगढ़, चुरू, झुंझुनू |
| बीकानेर-लुणकरणसर | कंवरसेन लिफ्ट (सबसे लंबी) | श्री गंगानगर, बीकानेर |
| गजनेर लिफ्ट | पन्नालाल बारूपाल | बीकानेर, नागौर |
| बांगड़सर लिफ्ट | वीर तेजाजी लिफ्ट (सबसे छोटी) | बीकानेर |
| कोलायत लिफ्ट | डॉ. करणी सिंह | बीकानेर, जोधपुर |
| फलौदी लिफ्ट | गुरु जम्भेश्वर | जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर |
| पोकरण लिफ्ट | जयनारायण व्यास | जैसलमेर, जोधपुर |
IGNP की 9 प्रमुख शाखाएँ:
रावतसर (बाँयी ओर), सूरतगढ़, अनूपगढ़, पुगल, चारणवाला, दातौर, बिरसलपुर, शहीद बीरबल, सागरमल गोपा।
रावतसर (बाँयी ओर), सूरतगढ़, अनूपगढ़, पुगल, चारणवाला, दातौर, बिरसलपुर, शहीद बीरबल, सागरमल गोपा।
4. अन्य प्रमुख नहर परियोजनाएं
- गंगनहर: भारत की पहली नहर सिंचाई परियोजना (महाराजा गंगासिंह द्वारा 1927 में निर्मित)।
- नर्मदा नहर: केवल फुव्वारा (Sprinkler) पद्धति से सिंचाई अनिवार्य।
- बीसलपुर परियोजना: राजस्थान की सबसे बड़ी पेयजल परियोजना (बनास नदी, टोंक)।
- जाखम परियोजना: प्रतापगढ़ में स्थित, राजस्थान का सबसे ऊँचा बाँध (81 मीटर)।
- सिधमुख नोहर: यूरोपीय आर्थिक समुदाय के सहयोग से निर्मित।
5. महत्वपूर्ण मध्यम एवं लघु सिंचाई परियोजनाएं
| परियोजना | जिला | परियोजना | जिला |
|---|---|---|---|
| जवाई बाँध | पाली (अमृत सरोवर) | मेजा बाँध | भीलवाड़ा (कोठारी नदी) |
| पांचणा बाँध | करौली (मिट्टी का बाँध) | पार्वती बाँध | धौलपुर |
| तकली/आलनिया | कोटा | छापी/चौली/गागरिन | झालावाड़ |
| गरदड़ा | बूंदी | पीपलखूंट | प्रतापगढ़ |
| बांकली | जालौर | सूकली-सेलवाड़ा | सिरोही |
6. जल संरक्षण एवं सरकारी योजनाएं
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY): केंद्र:राज्य = 60:40।
- अटल भूजल योजना: विश्व बैंक के सहयोग से, भू-जल प्रबंधन हेतु।
- मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना: शुरुआत 27 जनवरी 2016, झालावाड़ से।
- तरुण भारत संघ: राजेंद्र सिंह (जल पुरुष) द्वारा संचालित, अलवर में स्थित।
- मिशन अमृत सरोवर: प्रत्येक जिले में 75 अमृत सरोवरों का निर्माण।
विशेष तथ्य: राजस्थान के बीकानेर और चूरू जिलों में कोई नदी नहीं बहती है। सर्वाधिक नदियाँ कोटा संभाग में पाई जाती हैं।
Leave a Reply