🌊 राजस्थान की प्रमुख झीलें
📘 भाग 1: मीठे पानी की प्रमुख झीलें
1. जयसमंद झील / ढेबर झील (सलूम्बर)
- विशेषता: राजस्थान की सबसे बड़ी कृत्रिम झील।
- निर्माण: महाराणा जयसिंह (1687-91) द्वारा गोमती नदी का पानी रोककर।
- टापू: सबसे बड़ा – बाबा का भागड़ा, सबसे छोटा – प्यारी।
- यहाँ से श्यामपुरा और भट्टा नहरें निकाली गई हैं।
2. राजसमंद झील (राजसमंद)
- नौ चौकी: झील का उत्तरी भाग जहाँ 25 काले पत्थरों पर राजप्रशस्ति उत्कीर्ण है।
- राजप्रशस्ति: संसार की सबसे बड़ी प्रशस्ति (रणछोड़ भट्ट तैलंग द्वारा संस्कृत में)।
- यहाँ घेवर माता का मंदिर स्थित है।
3. पिछोला झील (उदयपुर)
- निर्माण: 14वीं सदी में एक बंजारे द्वारा।
- प्रमुख स्थल: जगमंदिर, जगनिवास (लेक पैलेस), और नटणी का चबूतरा।
- पहली बार सौर ऊर्जा नाव यहाँ चलाई गई।
4. नक्की झील (माउंट आबू)
- विशेषता: राजस्थान की सर्वाधिक ऊँचाई पर स्थित और सबसे गहरी झील।
- चट्टानें: टॉड रॉक (मेढक जैसी), नन रॉक, हॉर्म रॉक।
- मान्यता है कि देवताओं ने इसे नाखूनों से खोदा था।
5. पुष्कर झील (अजमेर)
- उपनाम: तीर्थराज, तीर्थों का मामा, पंचम तीर्थ।
- यहाँ कुल 52 घाट हैं। सबसे बड़ा घाट गांधी घाट (जनाना घाट) है।
- कार्तिक पूर्णिमा को यहाँ विशाल मेला भरता है।
💡 अन्य महत्वपूर्ण मीठे पानी की झीलें:
- कोलायत (बीकानेर): कपिल मुनि का आश्रम, दीपदान परंपरा।
- सिलीसेढ़ (अलवर): राजस्थान का ‘नंदन कानन’।
- मोती झील (भरतपुर): भरतपुर की ‘जीवन रेखा’।
- फॉय सागर (अजमेर): अंग्रेज इंजीनियर फॉय द्वारा निर्मित।
- गजनेर (बीकानेर): “पानी का शुद्ध दर्पण”।
राष्ट्रीय झील संरक्षण योजना (NLCP)
इस योजना में राजस्थान की 6 झीलें शामिल हैं:
1. फतेह सागर (उदयपुर)
2. पिछोला (उदयपुर)
3. आना सागर (अजमेर)
4. पुष्कर (अजमेर)
5. नक्की (सिरोही)
6. मानसागर (जयपुर)
📕 भाग 2: खारे पानी की प्रमुख झीलें
1. सांभर झील (जयपुर / डीडवाना-कुचामन)
- विशेषता: भारत की सबसे बड़ी आंतरिक खारे पानी की झील।
- उत्पादन: भारत के कुल नमक का 8.7% उत्पादन यहाँ होता है।
- रामसर साइट: 1990 में शामिल।
- नदियाँ: मेंथा, रूपनगढ़, खारी, खण्डेला।
2. पंचभद्रा झील (बालोतरा)
- गुणवत्ता: यहाँ के नमक में 98% सोडियम क्लोराइड होता है (सर्वश्रेष्ठ नमक)।
- विधि: खारवाल जाति के लोग मोरली झाड़ी के उपयोग से नमक बनाते हैं।
3. डीडवाना झील (डीडवाना-कुचामन)
- यहाँ का नमक खाने योग्य नहीं है क्योंकि इसमें सोडियम सल्फेट पाया जाता है।
- यहाँ राजस्थान स्टेट केमिकल वर्क्स स्थापित है।
- निजी संस्थाओं को ‘देवल’ कहा जाता है।
4. लूणकरणसर झील (बीकानेर)
- उत्तरी राजस्थान की एकमात्र खारे पानी की झील।
- इसे “राजस्थान का राजकोट” कहा जाता है (मूंगफली उत्पादन के कारण)।
📌 त्वरित तथ्य:
नावां (डीडवाना) में आदर्श लवण पार्क (Model Salt Farm) की स्थापना की गई है।
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