राजस्थान के भौतिक प्रदेश – नोट्स
राजस्थान के प्रमुख भौतिक प्रदेश
1. पश्चिमी मरूस्थलीय प्रदेश (शुष्क रेगिस्तानी क्षेत्र)
भौगोलिक स्थिति: राजस्थान का पश्चिमी भाग (जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, फलौदी, बालोतरा, जोधपुर ग्रामीण, और चुरू का पश्चिमी क्षेत्र)।
वर्षा: वार्षिक औसत 25 सेमी से कम ।
मुख्य विशेषताएँ:
बालुका स्तूप (रेतीले टीले) का विस्तार।
सेवण घास के मैदान, जिन्हें “लाठी सीरिज” कहा जाता है।
अकाल वुड फॉसिल्स पार्क (जैसलमेर): 18 करोड़ वर्ष पुराने वृक्षों और जीवाश्म के अवशेष।
जैसलमेर, बाड़मेर, और बीकानेर में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के प्रचुर भंडार।
2. अरावली पर्वतीय प्रदेश
अरावली पर्वतमाला विश्व की प्राचीनतम वलित पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है। यह प्री-कैम्ब्रियन युग की संरचना है।
विस्तार: खेडब्रह्मा (सिरोही) से खेतड़ी (नीम का थाना) तक लगभग 550 किमी (कुल लंबाई दिल्ली तक)।
विशेषता: यह राजस्थान को दो असमान भागों में विभाजित करती है और जलविभाजक का कार्य करती है।
आंकड़े: राज्य के कुल क्षेत्रफल का 9.3% भाग और 10% जनसंख्या।
अरावली की प्रमुख चोटियाँ
1. गुरु शिखर: 1722 मीटर (सिरोही) – राजस्थान का सर्वोच्च शिखर
2. सेर: 1597 मीटर (सिरोही)
3. देलवाड़ा: 1442 मीटर (सिरोही)
4. जरगा: 1431 मीटर (उदयपुर/राजसमंद)
5. अचलगढ़: 1380 मीटर (सिरोही)
6. कुंभलगढ़: 1224 मीटर (राजसमंद)
7. रघुनाथगढ़: 1055 मीटर (सीकर) – उत्तरी अरावली की सबसे ऊंची चोटी
प्रमुख दर्रे (नाल)
जीलवा की नाल / पगल्या नाल: मारवाड़ से मेवाड़ का रास्ता।
देसूरी की नाल: पाली जिला।
हाथी गढ़ा की नाल: कुंभलगढ़ दुर्ग के पास।
3. पूर्वी मैदानी प्रदेश
इसका निर्माण गंगा-यमुना नदी बेसिन द्वारा लाई गई मिट्टी से हुआ है। यह कृषि की दृष्टि से सर्वाधिक उपजाऊ क्षेत्र है।
उप-प्रदेश
विशेषताएँ
बनास-बाणगंगा बेसिन
बनास और उसकी सहायक नदियों द्वारा निर्मित मैदान। उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी।
चंबल बेसिन
कोटा, धौलपुर, करौली क्षेत्र। चंबल नदी द्वारा निर्मित बीहड़ (Ravin) के लिए प्रसिद्ध।
मध्य माही बेसिन
बांसवाड़ा और प्रतापगढ़। इसे “छप्पन का मैदान” भी कहा जाता है।
4. दक्षिण-पूर्वी पठारी भाग (हाड़ौती का पठार)
क्षेत्र: कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़।
मृदा: यहाँ मध्यम काली मिट्टी (Black Cotton Soil) पाई जाती है।
वर्षा: राजस्थान का सर्वाधिक वर्षा वाला भौतिक प्रदेश (80-100 सेमी)।
विशेषता: यह अरावली और विंध्याचल पर्वत के बीच संक्रांति प्रदेश है।
अन्य महत्वपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र
1. लूनी-जवाई बेसिन (गोडवाड़ क्षेत्र)
पाली, जालौर, जोधपुर ग्रामीण क्षेत्र। यह एक अर्द्धशुष्क प्रदेश है जहाँ लूनी नदी बहती है।
2. शेखावाटी प्रदेश (बांगर क्षेत्र)
झुंझुनू, सीकर, चुरू। यहाँ खारे पानी के गर्त (रन) जैसे डीडवाना, सुजानगढ़, कुचामन पाए जाते हैं।
3. घग्घर का मैदान
गंगानगर और हनुमानगढ़ जिले। घग्घर नदी (मृत नदी) के बाढ़ क्षेत्र से निर्मित अत्यंत उपजाऊ मैदान।
उत्पत्ति से संबंधित भूगर्भिक तथ्य
राजस्थान का पश्चिमी रेगिस्तान और खारे पानी की झीलें टेथिस सागर का अवशेष हैं।
अरावली पर्वत और दक्षिण-पूर्वी पठारी भाग गोंडवानालैंड का हिस्सा हैं।
पूर्वी मैदान गंगा-यमुना नदियों द्वारा लाई गई मिट्टी से निर्मित नवीनतम भाग है।
राजस्थान सामान्य ज्ञान – भौतिक विभाजन नोट्स