राजस्थान के राज्य प्रतीक चिह्नों और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारि

राजस्थान के राज्य प्रतीक – संपूर्ण विवरण

राजस्थान के राज्य प्रतीक

कला, संस्कृति और प्रकृति का संगम

1. राज्य वृक्ष – खेजड़ी (Prosopis cineraria)

घोषित: 5 जनवरी 1983

उपनाम:

  • “रेगिस्तान का गौरव”, “थार का कल्पवृक्ष”

विशेषताएँ:

  • शेखावटी और नागौर जिले में सर्वाधिक संख्या।
  • विजयादशमी (दशहरा) पर पूजा की जाती है।
खेजड़ली बलिदान (1730): अमृता देवी के नेतृत्व में 363 बिश्नोईयों ने बलिदान दिया। हर वर्ष 12 सितंबर को ‘खेजड़ली दिवस’ मनाया जाता है।

स्थानीय नाम:

  • जांटी (हरियाणवी), सांगरी (हरी फली), खोखा (सूखी फली), लुंग (पत्तियाँ)।

2. राज्य पुष्प – रोहिड़ा (Tecomella undulata)

घोषित: 21 जनवरी 1983

उपनाम:

  • “मरूशोभा”, “रेगिस्तान का सागवान”, “मारवाड़ टीक”।

विवरण:

  • मार्च-अप्रैल में खिलता है। इसका रंग गहरा केसरिया या पीला होता है।
  • यह मुख्यतः पश्चिमी राजस्थान में पाया जाता है।

3. राज्य पशु

जंगली पशु: चिंकारा

घोषित: 1981
  • वैज्ञानिक नाम: Gazella bennettii
  • उपनाम: छोटा हिरण
  • स्थान: नाहरगढ़ (जयपुर) और थार रेगिस्तान।

पालतू पशु: ऊँट

घोषित: 30 जून 2014
  • उपनाम: रेगिस्तान का जहाज
  • नस्लें: जैसलमेरी, बीकानेरी, सिंधी।
  • विशेष: 2024 को ‘अंतरराष्ट्रीय कैमलिड्स वर्ष’ घोषित किया गया।

4. राज्य पक्षी – गोडावण (Great Indian Bustard)

घोषित: 1981
  • वैज्ञानिक नाम: Ardeotis nigriceps
  • मुख्य स्थान: मरूउद्यान (जैसलमेर), सोरसन (बारां), सोकलिया (अजमेर)।
  • स्थिति: IUCN की रेड लिस्ट में ‘गंभीर रूप से संकटग्रस्त’ (CR)।

संरक्षण:

  • जोधपुर जंतु उद्यान इसके प्रजनन हेतु प्रसिद्ध है।

5. राज्य संस्कृति (गीत, नृत्य एवं खेल)

राज्य गीत: केसरिया बालम आओ नी पधारो म्हारे देश

  • शैली: मांड गायिकी (अल्ला जिल्लाबाई ने प्रसिद्ध किया)।

राज्य नृत्य: घूमर

  • विशेषता: “नृत्यों की आत्मा”, केवल महिलाओं द्वारा।

शास्त्रीय नृत्य: कत्थक

  • प्रसिद्ध घराना: जयपुर घराना (भानु जी महाराज)।

राज्य खेल: बास्केटबॉल

घोषित: 1948
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